माँ पर पाँच शायरी दोस्तों माँ का हर रूप ही बहुत स्ंदर होता है ,चाहे वो मंदिर मेँ रहने वाली माँ हो या घर मेँ रहने वाली |माँ निरंतर अपने बच्चे पर वात्सल्य लुटाने के लिए तैयार रहती है |माँ के जैसा इस दुनिया मेँ न तो कोई हुआ है और न ही कोई होगा |