poem on women’s day in hindi | अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता :

poem on women’s day in hindi | अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता :

दोस्तों आप सब लोगों को अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस की बहुत सारी शुभकमनाएं | हमारी आज की यह पोस्ट poem on women’s day in hindi | अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता  उन सब महिलाओं को समर्पित है जो कि हमारे समाज का आधा हिस्सा होती हैं और 24 /7  घर परिवार के लिए कार्यरत रहती हैं |दोस्तों किसी ने सच ही कहा है कि हर कामयाब आदमी के पीछे किसी महिला का सहयोग ज़रूर होता है |

लेकिन फिर भी हम इस बात को नजर अंदाज कर देते हैं |हमे अपने देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए और भी बहुत उपाय करने जरूरी हैं ,जिससे उन्हे भी कहीं भी किसी भी वक़्त आने जाने में किसी भी प्रकार की कोई समस्या का सामना न करना पड़े और उन्हे भी अपना जीवन स्वतंत्र और बेखोफ जीने का अवसर मिले |

poem on women's day in hindi | अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता :

poem on women’s day in hindi | अंर्तराष्ट्रीय महिला दिवस पर कविता :

मन में चाहे कितनी ही उलझनें

चेहरे पर फिर भी मुस्कान प्यारी है

इसका ही तो नाम नारी है

इसका ही तो नाम नारी है

अपने सुख की न चिंता इसको

हर खुशी इसने अपनी परिवार पे वारी है

इसका ही तो नाम नारी है

इसका ही तो नाम नारी है

परछाई बनी पति की यह हरदम

बच्चों के लिए यह ममता की क्यारी है

इसका ही तो नाम नारी है

इसका ही तो नाम नारी है

एक इसकी उपस्थिती से पूरे घर को तस्सली

गर ना दिखे एक छण आती समस्या ढेर सारी हैं

इसका ही तो नाम नारी है

इसका ही तो नाम नारी है

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