grandparents day poem in hindi | दादा -दादी के लिये कविता

grandparents day poem in hindi | दादा -दादी के लिये कविता:

प्यारे दोस्तों जैसे की आप जानते होंगे की कल यानि 10-09-17 (sunday) को grandparents day  है |यह पोस्ट”

grandparents day poem in hindi | दादा -दादी के लिये कविता” हमारे प्यारे दादा – दादी जी और नाना नानी जी को समर्पित है |एक बच्चे के लिए उसके दादा-दादी और नाना-नानी बहुत ही अहमियत रखते हैं | जब भी हम उनसे  मिलते हैं वो फ़ोरन ही हमें अपने गले  से लगा लेते हैं|

हम अपने grandparents को बहुत ज्यादा दुलारे होते हैं इसीलिए किसी ने ठीक ही कहा है कि मूल से प्यारा ब्याज होता है|

दोस्तों जब भी मम्मी डांटती है तो दादी झट से आकर बचा लेती हैं और तो और नानी भी कभी- कभी मम्मी कि क्लास लगाने से नहीं चूकतीं |जब मम्मी -पापा घर नहीं होते तो grandparents ही हमारा पूरा ध्यान रखते  हैं|

grandparents day poem in hindi | दादा -दादी के लिये कविता

grandparents day poem in hindi | दादा -दादी के लिये कविता

 

दादा – दादी कितने प्यारे

हम इनकी आँखों के तारे

तन चांहे हो बूढ़ा इनका

पर होते जवान दिल वाले

मम्मी – पापा से भी ज्यादा

ये तो घर का ध्यान रखें

टोका – टाकी करते रहते

आदत से मजबूर बड़े

सुबह – शाम सैर को जाते

आकर हमें व्यायाम कराते

होम – वर्क में हांथ बटाकर

और बहुत सी सीख सीखाते

दोस्त भी ये ही बन जाते

जब कभी हम शोर मचाते

साथ हमारे खेला करते

केरम, लूडो और कराटे

खाने का इन्हे शोक बड़ा

जब मिल जाता है मौका

इनके साथ उठाते हम भी

 बारिश में चाय- पकोड़े का मजा

डांट से पापा की बचाते

जब गंदे मार्क्स आ जाते

पापा को समझकर कहते

भूल गया बचपन में तेरे

कुछ ऐसे ही नंबर थे आते

मुझको अपने दादा- दादी

सारी दुनिया से ज्यादा भाते

मन चाहता ये लोग कभी

हमें छोड़ के नहीं जाते

 

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