माता -पिता पर एक सुंदर कविता |poem on mother and father


माता -पिता पर एक सुंदर कविता |poem on mother and father यही है हमारी पोस्ट |

जिसका शीर्षक है “मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है “|इस कविता के माध्यम से हमने कम शब्दों में ही माता – पिता का जीवन में स्थान दर्शाने की कोशिश की है| फ़्रेंड्स माता – पिता का हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान होता है |वो सिर्फ हमे जन्म ही नहीं देते बल्कि अपनी आखिरी सांस तक हमारी खुशी के लिए कार्यरत रहते हैं|चाहे खुद किसी भी हाल में रहें वो लोग हमारी आँख से एक आसूं तक भी नहीं गिरने देते |इस दुनिया में वो बच्चे बहुत ही भाग्यवान होते हैं जिनके सिर पर माता – पिता का साया रहता है |वाकई में ” धरती पे रूप माँ – बाप का, उस विधाता की पहचान है ” किसी ने बिल्कुल सही गाना लिखा है|दोस्तों आज हम भी माता -पिता के लिए एक सुंदर कविता लाये हैं तो चलिये पढ़िये -:

माता -पिता पर एक सुंदर कविता |poem on mother and father

मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है

उनके लिए तो मुझमें ही सारी जन्नत बसी है

सिर्फ कहने को हैं वो मेरे जन्म – दाता

लेकिन उन्होने ही तकदीर मेरी लिखी है


मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है

मेरी हसीं में छुपी उनकी खुशी है

मेरे लिए जग जग कर रातें काटी हैं

कहीं भीड़ में मैं ना बिछड़ जाऊँ उनसे

इसलिए मेरी उंगली सदा ही पकड़ के रखी है

मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है

सिखाये मुझे जिंदगी के तजुर्बे

हर एक राह पर मुझे सौ सौ सलाह दी हैं

कभी बन के दोस्त कभी बन कर गुरु मेरा

मुझे अच्छे बुरे की सब ही सीख दी हैं

मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है

रिश्ते कई होते जीवन में सबके

पर माता -पिता सी किसी की जगह ही नहीं है

दिखता हूँ जो आज मैं कामयाबी के शिखर पर खड़ा

सही मायने में ये तो मेरे माता – पिता की जीत है

मेरे माता- पिता सा जग में कोई नही है

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