माँ पर पाँच शायरी

माँ पर पाँच शायरी

दोस्तों माँ का हर रूप ही बहुत स्ंदर होता है ,चाहे वो मंदिर मेँ रहने वाली माँ हो या घर मेँ रहने वाली |माँ निरंतर अपने बच्चे पर वात्सल्य लुटाने के लिए तैयार रहती है |माँ के जैसा इस दुनिया मेँ न तो कोई हुआ है और न ही कोई होगा |

माँ की कृपा जनम से लेकर जीवन के हर कदम पर हमारे साथ-साथ चलती रहती है |आज हमारी इस पोस्ट माँ पर पाँच शायरी के  माध्यम से मैंने माता की हमारे जीवन मेँ विशेषताओं को दर्शाया है |

माँ पर पाँच शायरी

1.

इस दुनिया में सबसे सच्चा

 माँ और बच्चे का है रिश्ता

बच्चा कितना भी दूर हो

मिल जाती उसको माँ की दुआ

2.

माँ के प्रेम की नहीं है सीमा

चाहे कितने आँसू पड़े उसे पीना

एकबाल भी बांका ना होने देती

करती है ऐसे बच्चे की रक्षा

3.

जब भी कोई पीड़ा सताये

माँ की याद खुद ही आ जाये

एक बार पुकारा जो हमने उसको

सब काम छोड़ वो दौड़ी आये

4.

धनवान तो बहुत हैं जग मेँ

भाग्यवान होते कोई -कोई

जिनके पास मेँ माँ है रहती

चिंता उनको नहीं फिर कोई

5.

जब परेशानी सताने लगे

दुनिया आँख दिखाने लगे

माँ के दरबार मेँ झुक जाना

फिर शत्रु भी लग जाएंगे गले

 

दोस्तों यह थी हमारी माँ को समर्पित छोटी सी पोस्ट माँ पर पाँच शायरी |आशा करते हैं की आपको अच्छी लगी होगी |अपनी राय हम तक जरूर पहुंचायेँ |

 

 

 

 

 

आप यह भी पढ़ सकते हैं |

2 Comments

Add a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *